जनमत भास्कर,छिन्दवाड़ा:-कलेक्टर हरेंद्र नारायन के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मंगलवार को पीएमश्री शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सीबीएसई, आईसीएसई एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों एवं संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यार्थियों के लिए पाठ्य पुस्तकों,कॉपियों, स्टेशनरी एवं यूनिफॉर्म के विक्रय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक भार रोकने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि पुस्तक विक्रेताओं या विद्यालय प्रबंधन द्वारा पाठ्यक्रम से असंबंधित सामग्री को पुस्तक सेट में शामिल कर कीमत बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी।किसी भी छात्र को संपूर्ण सेट खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और यदि विद्यार्थी के पास पूर्व की पुस्तकें उपलब्ध हैं तो उसे आवश्यकता अनुसार ही पुस्तकें प्रदान की जाएंगी साथ ही पुस्तक विक्रेता कॉपी,कवर,स्टीकर, पेंसिल बॉक्स या अन्य सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं करेंगे।नोटबुक पर उसका मूल्य,आकार,पृष्ठ संख्या एवं अन्य विवरण स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य रहेगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देशित किया कि किसी भी विद्यालय द्वारा कॉपियों या पुस्तक कवर पर विद्यालय का नाम अंकित नहीं किया जाएगा तथा सभी पुस्तकों पर ISBN नंबर अंकित होना आवश्यक होगा।नियमों के पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर निरीक्षण दल का गठन भी किया गया है,जो समय-समय पर जांच करेगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विद्यालय या विक्रेता के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुविधा के लिए जिला स्तरीय पुस्तक मेले का आयोजन 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक पीएमश्री शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में किया जाएगा।मेले में एक कक्ष “बुक बैंक” के रूप में भी निर्धारित किया गया है,जहां अभिभावक एवं विद्यार्थी उपयोग में आ चुकी पाठ्यक्रम की पुस्तकें दान कर सकेंगे।
पुस्तक मेले में भाग लेने हेतु पंजीयन 31 मार्च से 3 अप्रैल दोपहर 12 बजे तक किया जा सकेगा,जबकि कक्ष आवंटन 3 अप्रैल को दोपहर 2 बजे से किया जाएगा।मेले का शुभारंभ 4 अप्रैल को प्रातः 11:00 बजे किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालय संचालकों, पुस्तक विक्रेताओं एवं अभिभावकों से अपील की है कि निर्धारित निर्देशों का पालन सुनिश्चित कर विद्यार्थियों के हित में सहयोग प्रदान करें।




