जनमत भास्कर छिंदवाड़ा:-प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत बीएलसी घटक के आवेदकों की जांच,स्थल पर एवं दस्तावेजों के सत्यापन के माध्यम से की जा रही है। योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पोर्टल पर निरंतर आवेदन प्राप्त हो रहे हैं,जिन्हें निगम के अधिकारी व कर्मचारी जांच कर पात्र-अपात्र की श्रेणी में वर्गीकृत कर रहे हैं।इस प्रक्रिया में प्रत्येक आवेदक से एक शपथ पत्र (अफिडेविट) भी लिया जा रहा है,जिसमें उसे यह घोषणा करनी होती है कि वह वास्तव में आवासहीन है, उसकी आय 3 लाख से कम है एवं वह योजना की शर्तों के अनुसार पात्र है।

निगम अमले द्वारा जांच में पाया जा रहा है कि कुछ अपात्र हितग्राही भवन के कच्चे होने एवं आय के संबंध में झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत का रहे है। इन मामलों पर निगम आयुक्त चंद्रप्रकाश राय ने संज्ञान लेकर झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत करने वाले आवेदकों पर धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने ने निर्देश आवास शाखा को दिए।इस संबंध में आवास शाखा द्वारा एक अपील निगम के नोटिस बोर्ड में चस्पा की गई है जिसमें नगर निगम आयुक्त द्वारा ऐसे आवेदक जिन्होंने मिथ्या शपथ पत्र प्रस्तुत किया है उन्हें सात दिवस में उपस्थित होकर इस संबंध में स्पष्टीकरण देना होगा।निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी आवेदक द्वारा पोर्टल पर गलत या भ्रामक जानकारी दी जाती है, तो यह आवास योजना की शर्तों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में नियमानुसार एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी आवेदक को यह महसूस होता है कि उसके आवेदन में त्रुटि हो गई है,तो वह पोर्टल से अपना आवेदन वापस ले सकते है अथवा स्वयं निगम की आवास शाखा योजना कार्यालय में उपस्थित होकर आवेदन संशोधित कर सकता है,इससे वह दंडात्मक कार्यवाही से बच सकता है।
नगर निगम छिंदवाड़ा ने सभी आवेदकों से अपील की है कि वे आवेदन करते समय सही और प्रमाणिक जानकारी ही प्रस्तुत करें।
निगम प्रशासन द्वारा कड़े रुख के बाद यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जीवाड़ा क्षम्य नहीं होगा। संबंधित शाखा द्वारा निरंतर जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसे किसी भी कृत्य पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।




