जनमत भास्कर छिन्दवाड़ा:-उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग,छिंदवाड़ा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में बीमा कंपनी को आदेशित किया है कि वह परिवादी दीपक भोयरकर,वाहन मालिक को बीमित वाहन डंफर की चोरी के प्रकरण में 17,25,000/- (सत्रह लाख पच्चीस हज़ार रुपए) क्षतिपूर्ति के रूप में पैंतालीस दिन के अंदर अदा करे।इसके साथ ही आयोग ने 5,000/रुपए सेवा में कमी एवं मानसिक क्षतिपूर्ति तथा 2000 रुपये वाद व्यय भी परिवादी को प्रदान करने का आदेश दिया है।आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बीमा कंपनी द्वारा आदेश पालन में देरी किए जाने की स्थिति में, आवेदन की तिथि से पूर्ण भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
परिवादी की ओर से यह वाद प्रस्तुत कर पैरवी अधिवक्ता अजय पालीवाल,छिंदवाड़ा द्वारा की गई,जिसके फलस्वरूप आयोग ने परिवादी के पक्ष में यह न्यायोचित आदेश पारित किया।
यह निर्णय उपभोक्ताओं के हितों एवं उनके अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और बीमा कंपनियों द्वारा सेवा प्रदायगी में लापरवाही किए जाने पर स्पष्ट एवं सख्त संदेश देता है।
दरअसल सम्पूर्ण मामला यह है कि परिवादी दीपक भोयर द्वारा वर्ष 2019 में एक डंफर वाहन सांघी ब्रदर्स प्राइवेट लिमिटेड परासिया रोड, छिंदवाड़ा,से 31,50,000/– (इकतीस लाख पचास हजार )रुपए में क्रय किया गया था।जिसका पंजीयन क्रमांक एमपी– 22 एच –5777 था।परिवादी द्वारा अनावेदक बीमा कंपनी द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से उपरोक्त डंपर वाहन का बीमा करवाया गया था।जिसकी बीमा अवधि 8 अप्रैल 2022 से 7 अप्रैल 2023 तक की अर्धरात्रि तक थी।परिवादी का उक्त वाहन डंपर दिनांक 19 मई 2022 के शाम 5 बजे से दिनांक 20 मई 2022 के सुबह 6 बजे के दरमियान ग्राम झंडा रिंग रोड से नितेश बेलबशी के प्लाट से चोरी हो गया था।जिसकी तलाश करने पर वह नहीं मिला था।वाहन के साथ वाहन में रखे दस्तावेज आरसी,इंश्योरेंस की कॉपी,परमिट एवं फिटनेस भी चोरी हो गए थे।परिवादी द्वारा घटना की लिखित शिकायत दिनांक 31 मई 2022 को की गई थी,इसके पश्चात वाहन की तलाश की गई तथा वाहन न मिलने पर दिनांक 23 मई 2023 को परिवादी की शिकायत पर थाना देहात में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराध क्रमांक 254 / 2023 पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख की गई थी। उक्त प्रकरण से संबंधित आरोपी एवं वाहन का जांच के दौरान पता ना चल पाने के कारण न्यायालय छिंदवाड़ा द्वारा उक्त अपराध क्रमांक से संबंधित मामले में खात्मा की कार्यवाही कर दी गई थी।
परिवादी द्वारा बीमा कंपनी से क्षतिपूर्ति राशि की मांग की गई परंतु बीमा कंपनी द्वारा परिवादी द्वारा विलंब से सूचना देना बता कर परिवादी को क्षतिपूर्ति राशि देने से मना कर दिया गया था। जिससे व्यथित होकर परिवादी द्वारा एक परिवाद पत्र माह दिसंबर 2024 में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग छिंदवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
उक्त परिवाद में विचारण पश्चात दोनों पक्षों की साक्ष्य तथा तर्क सुनने के पश्चात, आयोग के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार सोनकर,सदस्य मोहन सोनी एवं सदस्य श्रीमती नीता मालवीय द्वारा अनावेदक बीमा कंपनी के द्वारा सेवा में कमी किया जाना पाया गया तथा दिनांक 20 नवंबर 2025 को निर्णय पारित करते हुए बीमा कंपनी द्वारा परिवादी को क्षतिपूर्ति की राशि अदा करने हेतु आदेश पारित किए गए।प्रकरण में पैरवी अधिवक्ता अजय पालीवाल द्वारा की गई।




