जनमत भास्कर,छिंदवाड़ा :- जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित उत्कृष्ट छात्रावास हर्रई में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर द्वारा गुरुवार को किए गए औचक निरीक्षण में जो तस्वीर सामने आई,उसके बाद छात्रावास अधीक्षक काशीराम डेहरिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर पद से हटाने की चेतावनी दी गई है…यहां तक तो सब ठीक है लेकिन जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जो नोटिस अधीक्षक को जारी किया गया है उसमें आज की दिनांक यानि 27.08.2026 दर्ज है और अधीक्षक को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु जो समयसीमा दी गई है वो 12.08.26 है,जो नोटिस जारी होने के भी 15 दिन पहले की है…इतना भारी भरकम स्टाफ और मशीनरी होने के बाबजूद भी जनजातीय कार्य विभाग एक शासकीय पत्र जारी करने में जब इतनी असंवेदनशीलता दर्शा सकता है तो सोचिए बाकी कामो में ये क्या करते होंगे।
निरीक्षण में मिलीं ये गंभीर खामियां
कलेक्टर के निरीक्षण में पाया गया कि छात्रावास में बच्चों के उठने का समय 6.50 बजे,नाश्ता 7.00 बजे और भोजन 9.30 बजे निर्धारित है,लेकिन समय पर कोई भी कार्य नहीं हो रहा था। इसके अलावा छात्रावास में 100 बच्चे दर्ज हैं,लेकिन पलंग मात्र 50 हैं…परिसर में जगह-जगह कचरा भी जमा था…कमरों की जाली टूटी*ल हुई पाई गई….कमरों में साफ-सफाई का अभाव…बच्चों से झाडू-पोंछा लगवाया जा रहा था…अधिकांश लाईटें खराब थीं,जिससे पर्याप्त रोशनी नहीं थी।

छात्रावास अधीक्षक का यह कृत्य कर्तव्य के प्रति लापरवाही,उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है और म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1) के विपरीत है।
नोटिस के बाद अधीक्षक को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्धारित समय में जवाब न मिलने पर एक पक्षीय कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।




