जनमत भास्कर छिन्दवाड़ा :- बीते डेढ़ महीने में छिंदवाड़ा जिले में जहरीली कफ़ सिरप कोल्ड्रिफ् के सेवन के चलते 22 मासूमों की मौतों के बाद जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह गुरुवार को छिंदवाड़ा पहुंचे….इस दौरान प्रभारी मंत्री ने गायगोहान,उमरेठ,बेलगांव और न्यूटन पहुंचकर मृत मासूमों के पीड़ित परिवार जनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया,इसके बाद छिंदवाड़ा पहुंचकर कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों की समीक्षा प्रभारी मंत्री ने की…..समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान जब उनसे पूछा गया कि बीते डेढ़ महीने में छिंदवाड़ा में मासूमों की मौतों का तांडव हो रहा था और प्रभारी मंत्री गायब थे तो इस सवाल पर प्रभारी मंत्री ने अपनी सफाई देते हुए मुख्यमंत्री का नाम का सहारा लेते हुए कहा कि प्रदेश के मुखिया तो छिंदवाड़ा पहुंच गए थे और वो हरसंभव व्यवस्थाएं जो उनके स्तर पर हो सकती थी उन्होंने की,हम लगातार जिला प्रशासन से बातचीत कर उनके निर्देशों का अक्षरशः पालन करवाने का प्रयास जारी रखे हुए थे और आज मैंने चार मृत मासूमों के पीड़ित परिवार जनों से भी मुलाकात की है और साथ ही समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं।

आपको बता दें कि पिछले डेढ़ महीने में छिंदवाड़ा जिले में जहरीली कफ सिरप कोल्ड्रिफ् के सेवन के चलते 22 मासूम काल के गाल में समा चुके हैं और बीते 6 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल सहित चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी छिंदवाड़ा पहुंचकर पीड़ित परिवार जनों से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन छिंदवाड़ा के प्रभारी मंत्री होने के बावजूद बीते डेढ़ महीने में राकेश सिंह ने थोड़ी सी भी संवेदनशीलता दिखाते हुए छिंदवाड़ा आने की जहमत नहीं उठाई….कांग्रेस भी लगातार प्रभारी मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते रही है इसके बाद अंतत आज गुरुवार को प्रभारी मंत्री छिंदवाड़ा पहुंचे और चंद घंटे का दौरा कर खाना पूर्ति करते हुए छिंदवाड़ा से वापस चले गए।