जनमत भास्कर,सौंसर:-न्यायालय अतिरिक्त अपर सत्र न्यायाधीश सौसर द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 04/24 थाना सौंसर के अपराध क्रमांक 33/2024 के आरोपी दुर्गाप्रसाद उर्फ दुर्गेश भूमिया पिता बेनीप्रसाद भूमिया उम्र करीब 30 साल निवासी दादा ठनठनपाल स्कूल के पास वार्ड नं. 12 बरेला थाना बरेला जिला जबलपुर को दंण्डित करते हुए आरोपी को धारा-302,भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड एवं धारा-201, भादवि में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से अखिल कुमार कुशराम विशेष लोक अभियोजक तहसील सौंसर जिला-पांढुर्णा के द्वारा पैरवी की गई।
विस्तृत जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक अखिल कुमार कुशराम ने बताया कि आरोपी दुर्गाप्रसाद उर्फ दुर्गेश भूमिया ने मृतिका आरती उर्फ शारदा उर्फ गोदावरी से प्रेम विवाह किया था जिससे उनकी दो बेटी नैंसी उर्फ डॉली एवं मिली उर्फ मुस्कान हैं….दुर्गाप्रसाद उर्फ दुर्गेश भूमिया अपनी पत्नि मृतिका आरती उर्फ शारदा उर्फ गोदावरी के चरित्र पर शक करता था और उसे घर से निकलने नहीं देता था और ना ही किसी से बात करने देता था।आरोपी दुर्गाप्रसाद उर्फ दुर्गेश भूमिया ने घटना के एक-दो माह पूर्व स्वयं की तबियत ठीक करने के बहाने अपनी पत्नी एवं बच्चों सहित जामसांवली मंदिर सौंसर में आकर रहने लगा एवं योजना के तहत 25 जनवरी 2024 को अपनी पत्नि आरती के साथ ग्राहक सेवा केन्द्र सौंसर से पैसा निकालने के बहाने सौंसर आया एवं ग्राहक सेवा केन्द्र सौंसर से पैसा निकालकर ग्राम सांवली के पगडंडी के रास्ते से वापस आने के दौरान पंजाबराव के खेल के पास मृतिका आरती का पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी एवं उसकी लाश वहीं छोडकर जामसांवली मंदिर वापस आ गया और अपनी बेटीयों को बताया कि अब तुम्हारी मां कभी नहीं आयेगी ।
उक्त घटना पर से थाना सौंसर में आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया,प्रकरण में विवेचनाकर्ता अधिकारी उपनिरीक्षक बलवंतसिंह कौरव द्वारा प्रकरण की विवेचना की गई एवं विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा सशक्त पैरवी की गई,अभियोजन के तर्कों से संतुष्ट होकर न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए दंण्डित किया गया।




