जनमत भास्कर,छिंदवाड़ा :- अधिक मास के पुण्य अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का संगीतमय आयोजन बीसीसी कॉलोनी चंदनगांव में वृंदावन से पधारे छोटे सरकार शुभम कृष्ण शास्त्री ने सोमवार को दूसरे दिन परीक्षित जन्म, शुकदेव आगमन और कपिल देवहूती संवाद पर प्रवचन दिए….श्री शास्त्री ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण के प्रति पांचो पांडवों का प्रेम अनुकरणीय था….. भगवान श्री कृष्ण और भीष्म पितामह के संवाद पर प्रवचन करते हुए शास्त्री जी ने पितामह भीष्म ने कैसे अपनी प्राणज्योति भगवान श्री कृष्ण के चरणों में अर्पित किया…. उन्होंने बताया कि भगवान का इंतजार भीष्म पितामह कर रहे थे… उन्हें विश्वास था कि पहले भगवान उन्हें मिलेंगे और उनके श्री चरणों में वे अपने प्राण समर्पित करेंगे….
कलयुग के प्रारंभ को लेकर भी श्रीमद् भागवत कथा में प्रसंग को चर्चा करते हुए गुरु की भक्ति को लेकर भजन …प्रभु से मेरा तार जोड़े ऐसा मुझे संत मिले…. पर भक्तों ने नृत्य के माध्यम से अपनी भक्ति की…..परीक्षित जन्म के संवाद का वर्णन किया…. भगवान शुकदेव ने राजा परीक्षित को जन्म मृत्यु के बंधन से मुक्त होने की भक्ति को क्रमशः बताया है…
श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवात को होगा शिव विवाह
भक्तिमय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन सती चरित्र, शिव विवाह,ध्रुव चरित्र पर आचार्य शुभम कृष्ण शास्त्री प्रवचन करेंगे,शिव विवाह को लेकर विशेष झांकी भी प्रस्तुत की जाएगी।




