जनमत भास्कर,छिंदवाड़ा :- जिलेभर में बुधवार को दवा दुकानों पर ताले नजर आए। जिला औषधि विक्रेता संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला अस्पताल के सामने एक दिवसीय हड़ताल की। इस दौरान जिलेभर की मेडिकल दुकानें बंद रहीं।संघ ने ऑनलाइन फार्मेसी व्यवस्था का विरोध करते हुए नकली दवाओं के बढ़ते खतरे और केमिस्टों पर हो रही कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई।

जिला औषधि विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कोरोना काल के दौरान लागू किए गए GSR 817(E) नियम के बाद ई-फार्मेसी का चलन तेजी से बढ़ा है।संघ का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बिना अधिकृत फार्मासिस्ट के दवाइयों की बिक्री हो रही है, जिससे मरीजों की सेहत खतरे में पड़ रही है….संघ ने यह भी कहा कि कई जरूरी दवाइयों को कोल्ड चेन में सुरक्षित रखने की आवश्यकता होती है,लेकिन ऑनलाइन डिलीवरी में इन्हें सामान्य पार्सल की तरह भेजा जा रहा है।इससे दवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

औषधि विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन माध्यमों पर फर्जी पर्चों के जरिए प्रतिबंधित दवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं,जिससे नशे का अवैध कारोबार बढ़ रहा है।इसके साथ ही संघ ने नकली दवाओं के मामलों में निर्दोष केमिस्टों पर कार्रवाई बंद करने और जेल में बंद साथी केमिस्ट की रिहाई की मांग उठाई।

संघ ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में केमिस्टों के साथ हो रही कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और ऑनलाइन फार्मेसी व्यवस्था की सख्त जांच की जाए।हड़ताल के चलते मरीजों और परिजनों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना भी करना पड़ा।