आवासों में अधूरे निर्माण, घटिया गुणवत्ता,पानी के रिसाव,सीवरेज की समस्या..बाउंड्रीवाल,पार्क और सामुदायिक भवन का निर्माण नही होने सहित 3.50 लाख रुपये की अतिरिक्त वसूली संबंधी मुद्दों को लेकर की गई शिकायत

जनमत भास्कर,छिंदवाड़ा :- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इमलीखेड़ा में बनाए गए 78 डुप्लेक्स आवासों की समस्याओं को लेकर हितग्राहियों ने मुलताई पहुंचकर शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे को आवेदन सौंपा।हितग्राहियों ने आवासों में अधूरे निर्माण, घटिया गुणवत्ता,पानी के रिसाव,सीवरेज की समस्या सहित बाउंड्रीवाल,पार्क और सामुदायिक भवन का निर्माण नहीं होने की शिकायत की है।

आवेदन में हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त निर्माण कार्य के नाम पर उनकी सहमति के बिना लगभग 3.50 लाख रुपए की राशि वसूली गई,वहीं आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के साथ कई मकानों की छत एवं अन्य हिस्सों से पानी टपकने की समस्या सामने आ रही है। इससे भवनों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर हितग्राहियों में चिंता बनी हुई है।

हितग्राहियों ने बताया कि कॉलोनी में बने सीवरेज टैंक के ओवरफ्लो पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से गंदा पानी आसपास जमा हो रहा है। इसके चलते दुर्गंध और गंदगी की स्थिति बनी हुई है तथा बीमारी फैलने की आशंका भी है।

बाउंड्रीवाल नहीं होने से सुरक्षा पर सवाल

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि कॉलोनी को सुरक्षित परिसर उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हुआ है। इसके कारण आवारा पशुओं के साथ असामाजिक तत्वों का भी परिसर में आना-जाना बना रहता है। हितग्राहियों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।

इसके अलावा कॉलोनी में प्रस्तावित पार्क और सामुदायिक भवन का निर्माण भी अब तक शुरू नहीं होने की शिकायत की गई है। पार्क के अभाव में बच्चों के खेलने के लिए स्थान नहीं है,जबकि सामुदायिक भवन नहीं होने से रहवासियों को सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने में परेशानी होती है।

तकनीकी जांच और राशि की जांच की मांग

हितग्राहियों ने आयुक्त से 78 डुप्लेक्स मकानों का उच्च स्तरीय तकनीकी निरीक्षण कराने,निर्माण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी निर्माण एजेंसी, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। साथ ही अतिरिक्त निर्माण के नाम पर वसूली गई करीब 3.50 लाख रुपए की राशि की वैधता की जांच कर नियम विरुद्ध पाए जाने पर राशि वापस कराने की मांग की गई है।

हितग्राहियों का कहना है कि पूर्व में आयुक्त द्वारा स्थल का निरीक्षण कर नगर निगम आयुक्त को समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए गए थे,लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अधूरे कार्यों को पूरा कराने,सीवरेज की स्थायी निकासी व्यवस्था करने, बाउंड्रीवाल,पार्क और सामुदायिक भवन का निर्माण कराने तथा पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।