जनमत भास्कर छिंदवाड़ा:-अपर सत्र न्यायालय जुन्नारदेव के द्वारा थाता जुन्नारदेव के अपराध क्रमांक 378/2022 व सत्र प्रकरण क्रमांक 03/2023 के आरोपी विजेन्द्र धुर्वे पिता बिस्तू धुर्वे उम्र 19 वर्ष निवासी गुद्दम थाना जुन्नारदेव को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास तथा 5000 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।

मध्यप्रदेश शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती गंगावती डहेरिया ने प्रकरण में पैरवी की।

क्या था पूरा मामला

मृतक पूसूलाल की पत्नि रीना धुर्वे द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि मेरी शादी पूसूलाल धुर्वे से लगभग 06 साल पहले हुई है,मेरे दो बेटे हैं,मेरे घर में मेरे ससुर ज्ञानसा धुर्वे भी हमारे साथ में रहते है। हमारा घर गुद्दम बस्ती बाडाढाना में है।घर के सामने बड़े जेठ विस्तु धुर्वे का मकान है,उसका लड़का आरोपी वीजेन्द्र धुर्व है।विगत 12 दिसंबर 2022 को मैं सुबह करीब 10:00 बजे गाय चराने जंगल अपने घर से निकली थी उस समय मेरे घर पर मेरे दोनों लड़के और ससुर घर में थे। दिनभर जंगल में गाय चराकर शाम 06:00 बजे घर लौटी तो मेरे ससुर ज्ञानसा ने मुझे बताया कि में शाम के समय घर के आगन में बैठा था आरोपी वीजेन्द्र उसकी बहन सोनवती को डांट रहा था उसी समय मृतक पूसूलाल,वीजेंद्र को डाटने लगा,तो वीजेन्द्र मृतक पूसूलाल से झूमालामी करने लगा।मैने दोनों को बोला कि तुम चुपचाप रहो,झगडा मत करो तो बीजेन्द्र ने बोला कि तू मुझे क्यों बोलता है कहकर मारने को दौडा तो मैने चिल्लाया तो वीजेन्द्र ने घर से गैती का वेसा लाकर मृतक पूसूलाल के सिर में मार दिया जिससे पुसूलाल गिर गया और वीजेन्द्र वहां से भाग गया। मृतक पूसूलाल के सिर एवं नाक से खून निकल रहा था और वह बात भी नही कर पा रहा था,सुनकर मैने पति पुसूलाल जो घर के आगन के पास पड़े थे जाकर देखी उनके पर वह ठण्डे पड़ गए थे हिला डुलाकर देखा तो उनके सिर और लाक से खून निकल रहा था छूकर देखी तो पति खत्म हो गए थे। जिसकी रिपोर्ट प्राथी द्वारा थाना जुन्नारदेव में दर्ज कराई गई।तब थाना जुन्नारदेव द्वारा अभियुक्त वीजेन्द्र धुर्वे के विरुध्द अपराध क्रमांक 378/2022 अतर्गत धारा 302 भादवि के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट पजीबध्द कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। प्रकरण में विवेचना निरीक्षक वृजेश मिश्रा थाना जुन्नारदेव के द्वारा की गई।

विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्कों से सह‌मत होकर न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश जुन्नारदेव द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दंडित किया गया।