जनमत भास्कर छिन्दवाड़ा:-शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश जुन्नारदेव महेंद्र मांगोदिया द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 18/2024 थाना माहुलझिर के अपराध क्रमांक 02/2024 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी आशीष उर्फ़ लोकजीत सिंह पिता अजीतसिंह पटेल उम्र 46 साल निवासी ग्राम बटेसरा थाना करेली जिला नरसिंहपुर मध्य प्रदेश को ए एस आई नरेश शर्मा की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 25000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किए जाने का निर्णय पारित किया गया है।
अपर लोक अभियोजक पंकज श्रीवास्तव द्वारा मध्य प्रदेश शासन की ओर से पैरवी की गई एवं घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि विगत दिनांक 24/09/2021 को सुबह 8:00 बजे थाना माहुलझीर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक नरेश शर्मा न्यूटन थाना परसिया के अंतर्गत पेट्रोल पंप पर डीजल डलवाकर बिना पैसे दिए भाग रहे एक वाहन जो कि बोलेरो था,उसे नाकाबंदी कर रोकने का प्रयास थाना माहुलझिर के सामने बैरिकेट्स पर कर रहे थे,उनके साथ दो अन्य लोग एवं एक आरक्षक भूषण भी मौजूद थे जिनकी हत्या का प्रयास वाहन चालक आशीष उर्फ लोकजीत के द्वारा किया गया,जिसके लिए माननीय न्यायालय में धारा 307 भादवी के तहत 7 वर्ष का कारावास एवं 5000 का जुर्माना एवं मोटर व्हीकल की धारा 146/196 में ₹2000 का जुर्माना एवं धारा 130(3)177 में ₹500 जुर्माना ऐसा कुल मिलाकर 32,500 रुपए का जुर्माना से दंडित किया गया हैं।उक्त वाहन के पीछे पुलिस की गाड़ी लगी हुई थी जिसे लगातार रोकने का प्रयास किया जा रहा था बैरिकेड के सामने खड़े नरेश शर्मा को आरोपी आशीष उर्फ लोकजीत ने आशय पूर्वक बोलेरो वाहन चढ़ा कर उनकी हत्या कर दी थी।चूंकि नरेश शर्मा की मृत्यु उनके कर्तव्य के निर्वहन के दौरान हुई थी,हत्या का पूरा घटनाक्रम थाना माहुलझिर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज भी हो गया था जिसकी फुटेज न्यायालय में उपलब्ध कराई गई थी एवं मध्य प्रदेश शासन के द्वारा सहायक उप निरीक्षक नरेश शर्मा शहीद का दर्जा दिया गया था,अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों के आधार पर अपराध प्रमाणित पाए जाने के आधार पर मामला संदेह से परे प्रमाणित हुआ। पुलिस द्वारा सघन विवेचना कर अपराध पंजीकृत किया गया था,तथा न्यायालय में विचारण हेतु चालान प्रस्तुत किया गया था l
गवाहों का परीक्षण न्यायालय में कराया गया एवं कथन न्यायालय में लेख बद्ध किए गए।बचाव पक्ष के द्वारा उक्त घटना में पूरे मामले को एक्सीडेंट की शक्ल देने का भरसक प्रयास किया गया एवं एक सड़क दुर्घटना साबित करने की कोशिश की गई किंतु अभियोजन सशक्त पैरवी के कारण विचारण उपरांत मामला धारा 302 भादवि के तहत हत्या का प्रमाणित होने से आरोपी आशीष उर्फ लोकजीत को धारा 302 भा.द.वि.के तहत दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं 25000 का जुर्माना एवं धारा 307 भादवी में 7 वर्ष का कारावास 5000 जुर्माना एवं मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 130 (3)/177 में 500 जुर्माना ऐसा कुल विभिन्न धाराओं में ₹32,500 रूपए का जुर्माना से दंडित किया गया,मध्य प्रदेश राज्य की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक पंकज श्रीवास्तव द्वारा की गई एवं प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक रविंद्र कुमार पवार द्वारा की गई।




