जनमत भास्कर छिंदवाड़ा:-छिंदवाड़ा जिले का कुकड़ीखापा वॉटरफॉल अब सिर्फ एक पर्यटन स्थल ही नहीं,बल्कि साहसिक खेलों का नया हॉटस्पॉट बनता जा रहा है।यहां शुरू हुई एब्सेलिंग और ट्रेल हाइकिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटी में शामिल होने के लिए युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।हर रविवार को आयोजित होने वाले इन प्रशिक्षण शिविरों में छिंदवाड़ा के अलावा महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में युवा भाग ले रहे हैं।

पर्यटन और रोजगार,दोनों को मिल रहा नया आयाम

इस पहल से कुकड़ीखापा की पहचान दूर-दूर तक फैल रही है और साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिल रहे हैं।

कलेक्टर शीलेन्‍द्र सिंह और जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार के मार्गदर्शन में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के प्रयास लगातार हो रहे हैं।
“जब जुनून और रोमांच साथ हो,तो हर चट्टान नई ऊंचाई का अनुभव कराती है।”

संयुक्त प्रयासों से मिल रही सफलता

जिला प्रशासन,मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और डीएटीसीसी के संयुक्त प्रयासों से बीते कुछ माह से लगातार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।नागपुर की संस्था असेंडिम वेंचर्स के साथ मिलकर आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को एब्सेलिंग (रस्सी से उतरना) और ट्रेल हाइकिंग का प्रत्यक्ष अनुभव दिया जा रहा है।

हर सप्ताह 50 से अधिक युवा हो रहे शामिल

छिंदवाड़ा,उमरानाला, कुकड़ीखापा और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ महाराष्ट्र से भी 50 से अधिक युवा हर सप्ताह यहां एडवेंचर गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।जिला प्रशासन की इस पहल से स्थानीय युवाओं को एडवेंचर सेक्टर में प्रशिक्षु बनने और आगे करियर बनाने का अवसर मिल रहा है।
“युवाओं का साहस ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है।”

सुरक्षा और रोमांच दोनों का संतुलन

शिविर की शुरुआत में प्रतिभागियों को सबसे पहले सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जाती है।इसके बाद पेशेवर मार्गदर्शकों के नेतृत्व में एब्सेलिंग सत्र होता है,जिसमें युवा चट्टानों से रस्सी के सहारे उतरते हुए रोमांच का अनुभव करते हैं।

इस रविवार भी बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने इस एडवेंचर एक्टिविटी का हिस्सा बनकर बेहतरीन अनुभव साझा किया। हर रविवार कुकड़ीखापा का झरना युवाओं की ऊर्जा और उत्साह का साक्षी बन रहा है।