जनमत भास्कर,छिन्दवाड़ा:- मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव की सभा में भीड़ बनाकर लाए गए आम नागरिकों को काल के मुंह तक पहुंचाने और 10 लोगों को मौत की नींद सुलाने वाली भाजपा के सांसद को ठीक 20 दिन बाद हादसे में दिवंगतों के परिवारजनों व घायलों की याद आई है।जिस जख्म और दर्द को पीड़ित धीरे-धीरे भूलने का प्रयास कर रहे हैं,उसे कुरेदन के लिए अब वह सांसद पहुंचाने वाला है जो चुनाव से ठीक पहले गली-गली और मोहल्ले में गाल बजाते हुए कह रहे थे आपका बेटा…आपका भाई आपके दुख,दर्द में सबसे पहले पहुंचेगा।जनता के सामने झूठ परोसने वाले सांसद दुर्घटना के दिन भी अस्पताल तक नहीं पहुंचे ना ही घायलों से मिलने पहुंचे ना ही दिवंगतों के घर पहुंचे।उक्त उदगार शहर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो ने जारी बयान के माध्यम से व्यक्त किए।

जारी बयान में उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के समय बड़ी-बड़ी बातें करने वाले सांसद भीषण सड़क दुर्घटना के दिन से लगातार 20 दिनों तक लापता थे,अब सबकुछ सामान्य होने की स्थिति में है, घायल अपने दर्द को दरकिनार कर जीवन की खुशियों की ओर बढ़ रहे तो वहीं दिवंगत परिवार के सदस्य भी किसी तरह दिनचर्या में अपने आपको को व्यस्त कर अपनों को खोने के दुख और दर्द को किसी तरह सह रहे, लेकिन भाजपा के सांसद 20 दिन बाद भाजपा की परिपाटी अनुरूप नौटंकी करने के लिए पहुंचे रहे। सोनू मागो ने कहा कि यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि भीषण सड़क दुर्घटना जिस दिन हुई उस दिन और उसके अगले दिन भी सांसद घायलों से नहीं मिले,10 लोगों की जानें चली गई उन दिवंगत परिवार के सदस्यों तक से मिलने नहीं पहुंचे,लेकिन अब इन्हें राजनीति सूझ रही,अगर संवेदनाएं व्यक्त करनी थी तो प्रश्न यह उठता है कि 20 दिन तक कहां थे।तमाम तरह के प्रश्न उठाने वाले सांसद आज यह बताएं कि उनकी ही पार्टी के कार्यक्रम से लौटते समय दुर्घटना के शिकार हुए लोगों के बीच वे क्यों नहीं पहुंचे ? अब संवेदना के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सांसद उन परिवारों के बीच पहुंच रहे जिन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा दुख और दर्द भाजपा की वजह से मिला है।

स्वयं को स्थानीय,आपका बेटा,भाई और ना जाने कितने प्रकार की संज्ञा देने वाले सांसद 10 मौतों के हादसे के 20 दिन बाद जागे हैं और अब उन्हें यह याद आई है कि नागपुर-छिन्दवाड़ा नेशनल हाईवे स्थित ग्राम चिखलीकला के समीप हुए भीषण सड़क दुर्घटना में घायलों और दिवंगत परिवारजनों के बीच पहुंचा जाए।हर बात पर प्रश्न और उंगली उठाने वाले सांसद आज अपने गिरेबां में झांककर देखें कि वे आज कहां खड़े हैं।उनकी सम्पूर्ण बातें जनता के सामने स्वत: ही झूठी साबित हो रही।बीस दिन बाद बस दुर्घटना के घायलों व दिवंगतजनों के परिजनों के जख्मों को कुरेदने ना पहुंचे और ना ही झूठी संवेदनाएं व्यक्त करें,क्योंकि जनता जानती है हादसे के दिन सांसद छिन्दवाड़ा में थे, लेकिन वे नहीं पहुंचे और अब राजनीतिक नौटंकी को रंगने जा रहे हैं।