जनमत भास्कर,छिन्दवाड़ा :- नगर निगम के 48 वार्डों में से अधिकतर वार्डों में पिछले कई दिनों में नलों से गंदा,बदबूदार और मटमैला पानी आने की शिकायतें लगातार देखी जा रही हैं और तो और इसी समस्या को लेकर कांग्रेस पार्षद दल और भाजपा के भी कई पार्षद कलेक्टर,नगर निगम महापौर और नगर निगम कमिश्नर को कई बार अवगत भी करा चुके हैं लेकिन हालात जस के तस हैं।
सोमवार को नगर निगम सभाकक्ष में परिषद की बैठक आयोजित की गई थी,बैठक काफी हंगामेदार रही,पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने कई अहम मुद्दे सदन में उठाये इसी दौरान गंदे पानी से जुड़ा एक वाक्या भी बैठक में देखने को मिला जहां नलों से आ रहा गंदा और बदबूदार पानी कांग्रेस और भाजपा के पार्षद बोतलों में भरकर लेकर आये थे जो सीधे कांग्रेस और भाजपा के पार्षद ने नगर निगम कमिश्नर को पीने के लिए दी और कहा कि आप ये पानी पीकर बताए,हमें तो आप पिला ही रहे हैं,जिसके बाद कमिश्नर ने पानी की बोतल लेकर अपने पास ही रख ली……
नगर निगम की लापरवाही से जनता जो पानी पीने मजबूर है कमिश्नर साहब वो पानी पीने की हिम्मत तो नही दिखा सके बल्कि बैठक के दौरान ही बेतुकी सफाई देते नजर जरूर आये…नगर निगम कमिश्नर ने गंदे पानी के मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि ऐसा कोई शहर नही है जहां ऐसा पानी नही आता,लीकेज या अन्य कई कारणों से ऐसी स्थिति बन जाती है लेकिन हम निराकरण त्वरित करते हैं,आप पोर्टल पर जाकर देख सकते हैं…..अब सवाल उठता है कि जब निगम पेयजल के लिए भारी भरकम शुल्क ले रहा है तो क्या मूलभूत सुविधा “शुद्ध पेयजल” पर भी जनता का अधिकार नही है….लीकेज क्या हर दिन होते हैं,और अगर होते भी हैं तो क्या उन्हें सुधारने में महीनों लगते हैं…और अगर शिकायत करने पर ही निराकरण हो जा रहा है तो कांग्रेस और भाजपा के पार्षद नगर निगम और सरकारी दफ्तरों में आकर गंदे पानी के लिए हल्ला क्यों मचा रहे हैं ?




