जनमत भास्कर,छिन्दवाड़ा:- अपर सत्र न्यायाधीश अमरवाड़ा के द्वारा थाना अमरवाड़ा के अपराध में आरोपी रामशंकर उर्फ शंकर उर्फ छोटू को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम,2012 की धारा 6 में 20 वर्ष कठोर कारावास व 5000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है,एवं प्रकरण की पीड़िता को 2,00,000 रूपये की राशि प्रतिकर स्वरूप देने के आदेश भी हुये हैं….मध्यप्रदेश शासन की ओर विशेष लोक अभियोजक प्रवीण कुमार मर्सकोले ने प्रकरण में सशक्त पैरवी की।

दरअसल थाना अमरवाड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि अभियोक्त्री(पीड़िता) अमरवाड़ा में उसकी मौसी के यहाँ रहती थी और करीब 1 वर्ष से उसकी जान पहचान आरोपी से थी,आरोपी अभियोक्त्री को कहता था कि वह उससे प्यार करता है व शादी करना चाहता है…..विगत 15 अक्टूबर 2023 को दोपहर 3 बजे अभियोक्त्री अपने किराये के कमरे में अकेली थी तभी आरोपी उसके किराये के कमरे में आकर शादी करने का बोल कर नाबालिक अभियोक्त्री के साथ जबरदस्ती बलात्कार किया और अभियोक्त्री को जान से मारने की धमकी भी दी जिस कारण नाबालिक अभियोक्त्री ने घटना के बारे में अपने परिवार वालों को कुछ नही बताया,इसके बाद आरोपी ने नाबालिक अभियोक्त्री के साथ 3-4 बार उसके साथ गलत काम बलात्कार किया, आरोपी के द्वारा बार बार बलात्कार करने से नाबालिक अभियोक्त्री गर्भवती हो गई थी,अभियोक्त्री के पेट में दर्द होने पर उसने पेट दर्द की गोली खाई जिससे उसे आराम नही लगा तो नाबालिक अभियोक्त्री के माता-पिता ने उसे अमरवाड़ा अस्पाताल लेकर गये, अस्पाताल में नाबालिक अभियोक्त्री का गर्भपात हो गया तब उसके माता-पिता को पता चला कि वह गर्भवती है।

पीडिता के परिजनों के शिकायत पर अभियुक्त के विरूद्ध धारा 450,366 (क), 376(3),376 (2) N,भादवि एवं धारा 5, 6 पॉस्को अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र अपर सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया,विचारण के दौरान नाबालिक अभियोक्त्री उसके माता-पिता व रिश्तेदार ने अभियोजन कहानी का समर्थन न कर पक्षविरोधी कथन किये किंतु प्रकरण में नाबालिक अभियोक्त्री के गर्भपात होने पर भ्रूण को डीएनए जांच हेतु रासायिनक प्रयोग शाला भेजा गया था जिसमें भ्रूण डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक प्राप्त हुई थी।

विचारण न्यायालय ने अभियोजन पक्ष एवं बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के उपरांत अपर सत्र न्यायालय अमरवाड़ा द्वारा भ्रूण डीएनए रिपोर्ट के आधार आरोपी रामशंकर उर्फ शंकर उर्फ छोटू को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 6 में 20 वर्ष कठोर कारावास व 5000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।

प्रकरण की नाबालिक अभियोक्त्री के साथ हुये घृणित अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुये अपर सत्र न्यायालय अमरवाड़ा द्वारा 2 लाख रूपये क्षतिपूर्ति राशि नाबालिक अभियोक्त्री को दिये जाने की अनुशंसा के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया गया।

विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्क से सहमत होकर अपर सत्र न्यायालय द्वारा आरोपी को कठोर दण्ड दंडिण्त किया।प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक दीपा ठाकुर थाना अमरवाड़ा द्वारा की गई थी।