जनमत भास्कर छिंदवाड़ा:- मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा बुधवार शाम को छिंदवाड़ा में दिए गए बयान “गर्व से कहो हम आदिवासी हैं,हिंदू नहीं” पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छिंदवाड़ा से भाजपा सांसद विवेक बंटी साहू ने कहा कि यह बयान दुखद व निंदनीय है,ये कांग्रेस के लोगों का षड्यंत्र है,ये भारत मे समाज को बांटना चाहते हैं,जो बात भारत विरोधी ताकतें कहती हैं वो कांग्रेस कहती है,जो पाकिस्तान कहता है वो कांग्रेस कहती है,इसी का उदाहरण उमंग सिंगार का यह बयान है…दुनिया में सबसे पुराना धर्म सनातन व हिन्दू धर्म है,हमारी हज़ारों साल पुरानी संस्कृति व परंपरा है लेकिन कांग्रेस इनको तोड़ना चाहती हैं और अब ये आदिवासी भाइयों को अलग करने की बात ले आये हैं, आदिवासी वर्ग बड़ादेव की पूजा करता है जिसे शंकर भगवान के रूप में माना जाता है,इसके साथ ही वर्तमान में गणेश उत्सव चल रहा है,हर आदिवासी अपने घरों में गणेश प्रतिमा स्थापना कर उसकी पूजन में लगा हुआ है,आगामी समय में नवरात्रि भी आएगी उसे भी आदिवासी वर्ग पूर्ण श्रद्धा और आराधना के साथ मनाएगा.. हम सभी त्योहार एक साथ मिलकर मनाते हैं, उसके बावजूद भी कांग्रेस आदिवासियों को अलग करने की बात ले आई इसके साथ ही सांसद ने कहा कि इस बयान के बहाने कांग्रेस की असल मंशा छिंदवाड़ा जिले की फिजा को बिगाड़ने की है क्योंकि आदिवासी वर्ग अब समझ चुका है कि उन्हें कई सालों से छिंदवाड़ा में एक परिवार ने ठगा है और उमंग सिंघार आखिर यह बात किस मुंह से कह रहे हैं क्योंकि वह खुद गणेश उत्सव में गणेश प्रतिमा अपने क्षेत्र में बांटते हैं,स्वयं हनुमान जी के मंदिर जाते हैं और छिंदवाड़ा आकर वे विभाजनकारी बातें कर रहे हैं.. इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हमला करते हुए सांसद विवेक बंटी साहू ने कहा कि शेख कमलनाथ आखिर यह बताएं कि क्या वे उमंग सिंघार के बयान से सहमत है और क्या वे भी सनातन और हिंदू धर्म को बांटना चाहते हैं क्योंकि उनके ही कांग्रेस कार्यालय में यह बातें उमंग सिंघार द्वारा की गई है जिसके लिए वे भी जिम्मेदार हैं…. इसके अलावा बुधवार को बैतूल में भी उमंग सिंघार द्वारा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को लेकर दिए गए बयान कि मुख्यमंत्री और सरकार में उनकी कोई लगाम नहीं है उनको अपने क्षेत्र में विकास के लिए सदन में भीख मांगना पड़ता है,इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विवेक बंटी साहू ने कहा कि अब जैसे उनके प्रदेश अध्यक्ष की हालत है वह वैसे ही वे सोचते हैं,हमारी भाजपा में तो सबसे पहले राष्ट्र और उसके बाद संगठन आता है और हमारे संगठन में अध्यक्ष का पद बड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है चाहे वह बूथ अध्यक्ष हो या प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश,भाजपा को बहुत ही सुगम और सरल प्रदेश अध्यक्ष मिला है,जिनसे कोई भी कार्यकर्ता कभी भी मिल सकता है खैर कांग्रेस में तो एक दूसरे को निपटने की होड़ चल रही है अब शायद उमंग सिंगार,जीतू पटवारी को ही निपटाना चाहते हो इसलिए वे ऐसी बात कर रहे हैं।