जनमत भास्कर छिन्दवाड़ा:-मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये प्रारंभ किया गया सामाजिक ऑडिट ऐप “व्ही-मित्र” अपने सफल संचालन के 100 दिन पूरे कर चुका है।यह ऐप “जानकारी दें, इनाम पाएं” संदेश के साथ नागरिकों को विद्युत चोरी और अनियमितताओं की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित करता है।

100 दिनों की प्रमुख उपलब्धियाँ

कुल 30,000 मामलों की रिपोर्टिंग नागरिकों द्वारा ऐप के माध्यम से की गई।इनमें से 17,200 मामलों की जांच पूर्ण हुई एवं जांच के दौरान 3,850 मामलों में विद्युत चोरी या अनियमितताएँ पाई गईं। नागरिकों को सूचना देने पर 3,150 मामलों में 15,50,000 रुपये की पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की गई,वह भी बिना किसी कार्यालय गए।

व्ही-मित्र ऐप का स्ट्राइक रेट 22%

विभिन्न एजेंसियों द्वारा रिपोर्ट किए गए स्मार्ट मीटर डेटा एनालिसिस के मामलों में जहाँ औसतन 7% स्ट्राइक रेट दर्ज हुआ,वहीं व्ही-मित्र ऐप का स्ट्राइक रेट 22% रहा,जो नागरिक भागीदारी से मिलने वाले परिणामों की प्रभावशीलता दर्शाता है।

विद्युत चोरी पर कड़ी कार्रवाई

विद्युत चोरी एवं अनियमितता के मामलों में 4 करोड़ 64 लाख रुपये की बिलिंग की गई।अब तक 23 लाख रुपए की राशि वसूली के रूप में प्राप्त हुई।जिन क्षेत्रों में अनियमितताएँ पाई गईं,वहां के विद्युत अमले पर 3 लाख 25 हजार रुपए की प्रोविजनल पेनाल्टी लगाई गई,जिनमें से 26 हजार रुपए की वसूली भी की गई है।इस अवधि में नए उपभोक्ता पंजीकरण एवं लोड वृद्धि के 3,100 नए प्रकरण दर्ज हुए।

छिंदवाड़ा वृत्त का सराहनीय प्रदर्शन

छिंदवाड़ा वृत्त के अंतर्गत व्ही-मित्र ऐप पर कुल 1,190 प्रकरण दर्ज किए गए।इनमें से 575 मामलों की जांच पूरी की गई,जिनमें नागरिकों को विद्युत चोरी एवं अनियमितताओं की सूचना देने पर 52 हजार 975 रुपए की पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की गई,वह भी बिना किसी कार्यालयीन प्रक्रिया के।

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि “व्ही-मित्र” ऐप नागरिकों और विद्युत विभाग के बीच पारदर्शिता,उत्तरदायित्व और जनसहभागिता का सेतु बना है।इस पहल से जहाँ विद्युत चोरी पर अंकुश लगा है,वहीं नागरिकों में ईमानदार उपभोक्ता बनने की भावना भी मजबूत हुई है।कंपनी का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हर जिले में व्ही-मित्र की पहुंच बढ़ाई जाए,ताकि समाज और प्रशासन मिलकर ऊर्जा संरक्षण एवं पारदर्शी व्यवस्था को सशक्त बना सके।