जनमत भास्कर,छिंदवाड़ा :-कुंडीपुरा थाना अंतर्गत ग्राम बनगांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।पुलिस ने मृतक की माँ और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल ग्राम बनगांव निवासी राजा पिता बबलू कहार उम्र 19 साल का शव उसके घर पर संदिग्ध अवस्था में मिलने पर मर्ग इंटीमेशन लेख कर पंचनामा कार्रवाई की गई थी,पीएम रिपोर्ट और मर्ग जाँच में खुलासा हुआ कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या है….जाँच में सामने आया कि मृतक राजा के पिता बबलू कहार की 10 साल पहले मृत्यु हो चुकी थी।तब से उसकी माँ राजकुमारी कहार अपने घर में अपने प्रेमी रोहणी नंदा को साथ रख रही थी। यह बात मृतक राजा को अच्छी नहीं लगती थी।इसी बात को लेकर तीनों के बीच अक्सर विवाद होता था….विगत 16 अगस्त को शाम 6 बजे राजा शराब पीकर आया और रोहणी नंदा से कहने लगा कि तुम मेरी माँ के साथ मेरे घर पर मत रहो,अभी मेरे घर से चले जाओ। इसी बात को लेकर राजा और रोहणी नंदा में लड़ाई झगड़ा हुआ।उसी समय राजकुमारी कहार ने राजा से कहा कि रोहणी यहीं रहेगा तुम्हें रहना है तो रहो नहीं तो चले जाओ। इसी बात पर फिर तीनों में झगड़ा हुआ…इसके बाद राजकुमारी ने अपने परिवार के लोगों को अगले दिन 17 अगस्त को सुबह करीब 07.00 बजे बताया कि लड़का राजा कहार रात में खाना खाकर सोया था और सुबह मृत अवस्था में मिला है लेकिन जब पुलिस ने शव देखा तो गले में रस्सी से गला दबाने के स्पष्ट निशान थे। परिजनों और साक्षियों ने भी माँ और उसके प्रेमी पर हत्या का पूर्ण संदेह व्यक्त किया।
पीएम कर्ता डॉक्टर ने पीएम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु Asphyxia due to ligature strangulation होना लेख किया है साथ ही प्रारम्भिक जांच के दौरान पुलिस ने भी पाया कि राजकुमारी कहार एवं रोहणी नंदा ने मिलकर राजा को रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और पुलिस को मिथ्या रिपोर्ट कर भ्रमित किया। इस पर थाना कुंडीपुरा में अपराध क्रमांक-563 धारा 103(1),238(ख) BNS के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र भगत द्वारा टीम गठित की गई।टीम ने तत्परता से विवेचना कर परिजनों से पूछताछ के बाद आरोपी राजकुमारी और रोहणी को हिरासत में लेकर पूछताछ की,जिन्होंने अपराध करना स्वीकार कर लिया।दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश से न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में निरीक्षक महेन्द्र भगत थाना प्रभारी कुंडीपुरा, उप निरीक्षक दिनेश बघेल चौकी प्रभारी,सउनि मोहन बघेल,प्रधान आरक्षक अरविन्द,विजय पाल,सुरेन्द्र बघेल,निकिलेश रघुवंशी, आरक्षक चन्द्रकुमार दाहिया एवं महेश रघुवंशी साइबर सेल की विशेष भूमिका रही।




