जनमत भास्कर,छिन्दवाड़ा:- जिले में गेहॅू कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है तथा गेहॅू की कटाई के बाद खेत में बचे हुए डंठल (नरवाई) का प्रबंधन उचित रूप से करने हेतु कलेक्टर छिंदवाडा हरेन्द्र नारायन के मार्गदर्षन में कृषि विभाग द्वारा मैदानी स्तर पर प्रचार प्रसार किया जा रहा हैं। नरवाई जलाने से खेत में मित्र कीट नष्ट होते है एवं खेतो की उर्वरा शक्ति भी कम होती है। इसलिए आगामी फसल में उत्पादन कम होने की भी संभावना रहती है।शासन द्वारा भी कृषकों के बीच नरवाई न जलाने हेतु जागरूकता फैलाई जा रही हैं।प्रत्येक पंचायत में गठित टीम द्वारा चौपाल और संगोष्ठी कर किसानो को नरवाई मे आग न लगाने हेतु प्रेरित कर शपथ दिलाई जा रही है एवं मुनादी कराई जा रही है…साथ ही नरवाई जलाने पर दंडात्मक कार्यवाही के संबंध में भी अवगत कराया जा रहा हैं।
किसानों द्वारा नरवाई प्रबंधन हेतु स्ट्रा रीपर का उपयोग, सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर द्वारा खडी नरवाई मे बोनी करना,डीकंपोजर का उपयोग किया जा रहा हैं।जिले में कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा लगातार नरवाई जलने की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है तथा नरवाई जलने की सूचना मिलने पर दल द्वारा मौके पर जॉच कर कार्यवाही की जा रही हैं।
राजस्व विभाग के पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी,ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक की टीम बनाई गई है, जो नरवाई जलाने की घटनाओं का पंचनामा बनाकर प्रतिवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। जिले मे अभी तक कुल 497 घटनाये सेटेलाईट द्वारा प्राप्त हुई है।
अभी तक नरवाई जलाने पर विकासखंड अमरवाडा में 06, चौरई में 03,बिछुआ में 04 तथा परासिया में 01 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है तथा विकासखंड बिछुआ एवं छिंदवाडा में 1-1 किसान पर जुर्माना भी किया जा चुका हैं।
कलेक्टर छिंदवाडा हरेन्द्र नारायन एवं उप संचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह द्वारा कृषकों से अपील की गई है कि कृषक नरवाई न जलाये तथा खेतो को उपजाऊ बनाये रखने के लिए सुपर सीडर, स्ट्रा रीपर जैसे कृषि यंत्रों का उपयोग करे तथा मल्चर, रोटावेटर का उपयोग कर फसल अवषेषों से खाद बनाने जैसे उपाय अपनाये।समस्त कम्बाईन हार्वेस्टर में स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर का उपयोग अनिवार्य रूप से कराये जाये या हार्वेस्टर से कटाई के बाद सुपर सीडर से जायद फसलों की बोनी की जाये,जिससे नरवाई मे आग लगाने की घटनाएं न हो।




