जनमत भास्कर,छिन्दवाड़ा:-विगत 08 मार्च को मृतक कृष्णकुमार वर्मा का शव सिवनी-छिंदवाडा रोड में ग्राम चोरगांव ब्रिज के पास पड़ा मिला था,जिसके गले में चारो तरफ रस्सी जैसी चीज से गले घोटने जैसे निशान दिखाई दे रहे थे,इससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने कृष्णकुमार वर्मा की गला घोटकर हत्या करके रोड के किनारे फैक दिये है,मृतक की पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गर्दन पर रस्सी जैसी चीज से दबाने से दम घुटने के कारण मृत्यु होना पाया गया जिसके बाद अकाल मृत्यु की संपूर्ण जांच,घटनास्थल का निरीक्षण,शव पंचनामा कार्यवाही,कथन साक्षी के आधार पर मृतक कृष्णकुमार पिता देवचंद्र वर्मा उम्र 35 साल निवासी हिवरखेडी की मृत्यु किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा रस्सी जैसी चीज से गला घोंटकर मारकर हत्या किये जाने के चलते अज्ञात आरोपी के विरुध्द अप. क्र. 231/26 धारा 103(1) BNS का प्रकरण पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।

दरअसल विगत 05 मार्च को दिन के समय अखिलेश वर्मा एवं अन्य साथियों ने प्लान बनाया कि कृष्णकुमार वर्मा पैसो के लेनदेन के ऊपर से विवाद कर रहा है उसे खत्म करना है ताकि उसे पैसा ना देने पड़े….07 मार्च को दिन में अखिलेश वर्मा एवं अन्य ने कृष्णकुमार वर्मा को जान से भारना है का प्लान बनाये और रात्रि 09.00 बजे आरोपी मनोज विश्वकर्मा,चंदू वर्मा और उसके एक साथी स्कार्पियो वाहन से सिहोरा ढाबा के पास पहुंचे जहां पहले से एक व्यक्ति को बुलेरो वाहन से बुलाया था उसके कुछ देर बाद छिंदवाडा तरफ से काले रंग की XUV कार से अखिलेश वर्मा..कृष्णकुमार वर्मा को साथ लेकर पहुंचा पीछे से कृष्णकुमार वर्मा की मोटर साईकिल शुभम वर्मा लेकर वहां पहुंचा,मोटर साईकिल में हेलमेट लटका हुआ था।रात्रि करीब 10.30 बजे अखिलेश वर्मा ने उसकी कार को चोरगांव रोड में अंदर तरफ ले जाकर सुनसान देखकर रोक दिया तभी सभी लोग वहां पहुंच गये सभी गाड़ी से उतर गये तभी आरोपी चंद्रकांत उर्फ चंदू वर्मा ने अखिलेश वर्मा की गाड़ी में पड़ा हुआ सफेद रंग का गमछा उठाया और कृष्णकुमार वर्मा को जान से मारने के लिये गले में फंदा लगाया एक ओर से चंद्रकांत उर्फ चंदू वर्मा ने और दूसरी तरफ से शुभम वर्मा, अखिलेश वर्मा ने गमछा को जोर से खींचे जिससे वही पर कृष्णकुमार वर्मा की मृत्यु हो गयी इसके बाद आरोपी चंद्रकांत उर्फ चंदू वर्मा,शुभम वर्मा,अखिलेश वर्मा,मनोज विश्वकर्मा एवं अन्य 02 साथी ने कृष्णकुमार वर्मा की लाश को काले रंग की XUV कार में भरकर चोरगांव रोड ब्रिज के पास लाये और रोड के किनारे फेंक दिये पीछे से मनोज विश्वकर्मा ने कृष्णकुमार वर्मा की मोटर साईकिल को भी लाकर कृष्णकुमार की लाश के किनारे फेक दिया और वहां से सभी लोग भाग गये।

आरोपीगणो के द्वारा उक्त पटना स्वीकार करने पर आरोपीगणो से पटना में प्रयुक्त गमछा और दो चौपहिया वाहन जप्त किये गए।प्रकरण में आरोपी अखिलेश वर्मा, शुभम वर्मा,चंद्रकांत वर्मा व मनोज विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से सभी को जिला जेल भेजा गया है….दो अन्य आरोपी अभी फरार है।

अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी चौरई निरीक्षक मोहन सिंह मर्सकोले,उ.नि पारसनाथ आमों,सउनि शेख आजाद, प्र.आर गोपाल साहू,आर. जितेन्द्र बघेल,सूर्योदय बघेल, रोहित ठाकुर,अभिषेक सनोडिया,विमल चौहान, राजेश सनोडिया,संजय पटेल, नीलू बघेल सायबर सेल नितिन सिंह की सराहनीय भूमिका रही।